मुंगेली

साथुराम को वर्षों पुराने कंधे के दर्द से मिली मुक्ति

मुंगेली. जिला चिकित्सालय के फिजियोथेरेपी विभाग ने एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विगत सात वर्षों से पुराने कंधे के दर्द से पीड़ित साथुराम को अत्याधुनिक पीआरपी (प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा) तकनीक द्वारा प्रभावी उपचार प्रदान किया गया, जिससे उसे दर्द से काफी हद तक राहत मिली है। मरीज साथुराम ने बताया कि वे पिछले 05-06 वर्षों से लगातार दर्द की समस्या से जूझ रहा थे। दर्द निवारक इंजेक्शन और दवाइयों पर निर्भर रहने के बावजूद उसे स्थायी राहत नहीं मिल पा रही थी। निजी चिकित्सकों से परामर्श लेने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अंततः मरीज ने जिला चिकित्सालय के फिजियोथेरेपी विभाग से संपर्क किया।

सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. राय ने बताया कि जांच के उपरांत विशेषज्ञों ने मरीज को अत्याधुनिक पीआरपी ट्रीटमेंट की सलाह दी। फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों डॉ. उत्कर्ष पाठक सहित टीम द्वारा सफलतापूर्वक पीआरपी प्रक्रिया संपन्न की गई। उपचार के पश्चात मरीज ने दर्द में राहत महसूस की। मरीज साथुराम एवं उसके परिजनों ने चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल की सराहना की है। डॉ. उत्कर्ष पाठक ने बताया कि पीआरपी एक आधुनिक और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति है, जिसमें मरीज के ही रक्त से प्लेटलेट्स को पृथक कर प्रभावित हिस्से में इंजेक्ट किया जाता है। यह प्रक्रिया शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को सक्रिय कर क्षतिग्रस्त ऊतकों के पुनर्निर्माण में सहायक होती है। पुराने जोड़ों के दर्द तथा मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं में पीआरपी उपचार एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहा है। जिला चिकित्सालय में इस सुविधा की उपलब्धता से क्षेत्रीय मरीजों को अब इस उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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