कांग्रेस ने मनरेगा बदलाव को बताया मजदूर विरोधी : विद्यानंद चंद्राकर

मुंगेली – मुंगेली में कांग्रेस ने मनरेगा कानून में किए गए बदलाव को श्रमिक विरोधी कदम बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और काम की गरिमा के आदर्शों पर सीधा हमला है।
कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने सुधार के नाम पर सिर्फ कागजी बदलाव कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को कमजोर कर दिया है। पहले मनरेगा काम का कानूनी अधिकार था, लेकिन अब इसे केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली कंडीशनल स्कीम बना दिया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 100 से 125 दिन रोजगार देने का दावा केवल छलावा है, क्योंकि पिछले 11 वर्षों में औसतन सिर्फ 38 दिन ही काम मिला है। नए फंडिंग सिस्टम से राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और इसका सीधा असर गरीब मजदूरों पर होगा।
कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा को कानून से योजना में बदलकर मजदूरों के अधिकारों को खत्म किया जा रहा है।



