कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, मनरेगा के नाम बदलाव पर सरकार पर हमला

मुंगेली . कांग्रेस के दुर्ग पुर्व विधायक अरुण वोरा ने मुंगेली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मनरेगा कानून में किए गए बदलाव को श्रमिक विरोधी बताते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह फैसला महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और काम की गरिमा के आदर्शों पर कुठाराघात है।
कांग्रेस का आरोप है कि सुधार के नाम पर लोकसभा में बिल पास कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। पहले मनरेगा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत काम का कानूनी अधिकार था, लेकिन नए फ्रेमवर्क से इसे केंद्र नियंत्रित कंडीशनल स्कीम बना दिया गया है।
कांग्रेस ने कहा कि मनरेगा करोड़ों गरीब परिवारों की जीवनरेखा रही है और कोविड काल में आर्थिक सुरक्षा बनी। अब सरकार रोजगार रोकने, फंड खत्म होने पर काम बंद करने और राज्यों पर 60:40 के अनुपात में अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का अधिकार ले रही है, जिससे योजना कमजोर होगी।
100 से 125 दिन रोजगार का दावा छलावा बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में औसत रोजगार मात्र 38 दिन रहा है।
कांग्रेस ने V.B.G.RAM.G. योजना को भी भ्रामक नामकरण बताते हुए सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा को कानून से योजना में बदलकर मजदूरों से उनका अधिकार छीना जा रहा है।



